Apni Jarurat(अपनी जरूरत ) हर कोई आदमी को किसीना किसी की चीज जरूरत तो होती ही हे|अपनी जरुरत होती हे तभी उसी चीज की याद आती है|एक दोस्त को अपनि जरूरत होती है उसी वक्त ही दुशरे दोस्त की याद आती है|दोस्त की सच्ची दोस्ती हो तो वो हर दिन उसको याद करेगा मगर सच्ची दोस्ती ना हो तो अपनी जरूरत के वक्त ही याद करेगा| एक बालक का जन्म होता है तभी धीरे-धीरे बड़ा होता है और उसकी पढ़ाई की जरूरत बादमे पढ़ाई के बाद नौकरी की जरूरत बादमे साडी की जरूरत बादमे परिवार की जरूरत और उसके बाद उम्र हो जाती है तो जिंदगी खतम हो जाती है| अपना शेठ हो वह शेठ को आदमी जबतक काम करता है वही अच्छा लगता है|वह आदमी कोई दिन बीमार हो जाता हे , कोई दिन कुछ जरूरी काम हो तो काम पर नहीं आ सकता तो वह शेठ उस दिन की टंखा वह शेठ काट लेता है ,और वैसे भी शेठ होते हे की जो मजदूर को काम पर रखते है और उस मजदूर के साथ एक दिन की टंखा नक्की करते हे और उस...